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खुलासा: परिवारवालों ने ही की थी युवती की हत्या, नाले में मिला था शव

Posted on March 24, 2018 · Posted in क्राइम

चौबेपुर क्षेत्र के भंदाहा गांव की युवती की हत्या उसके पिता और दो चाचा ने की थी। ऑनर किलिंग के इस मामले का शुक्रवार को एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने अपने कार्यालय में खुलासा किया। पुलिस ने आरोपित युवती के पिता दीनानाथ, चाचा कन्हैया और रोशन के अलावा क्वालिस गाड़ी के चालक मनोज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त क्वालिस भी बरामद कर ली है।

एसएसपी ने बताया कि युवती मीना (काल्पनिक नाम) की 12 मार्च की सुबह बर्थराकला गांव की पुलिया के नीचे नाले में लाश मिली थी। एसओ ओमनारायण सिंह ने अज्ञात मानकर शव को पोस्टमार्टम कराया तो पानी में डूबने से मौत की पुष्टि हुई। लेकिन उसके शरीर पर चोटों के निशान हत्या की ओर इशारा कर रहे थे। शव की पहचान के लिए एसओ ने समाचार पत्र में मृतका के शव की फोटो प्रकाशित करायी। इसके बाद सुगबुगाहट तेज हुई। दो दिन के बाद चोलापुर के भोपापुर निवासी युवती के जीजा राजेंद्र ने थाने पहुंचकर शव की पहचान की। इस दौरान परिवार को पता चल गया कि मीना की पहचान हो गयी है और पुलिस उन पर ही संदेह कर रही है। इसके बाद पिता और दोनों चाचा घर से भाग निकले। पुलिस दबिश दे रही थी।

शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुनारी पेट्रोल पम्प के पास से पिता दीनानाथ, चाचा कन्हैया, रोशन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि तीनों ने लाश ठिकाने लगाने के लिए चोलापुर के भवानीवारी के चालक मनोज को स्कार्पियो लेकर बुलाया था। इसके बाद लाश फेंकी गयी थी। चालक का कहना था कि लाश ठिकाने लगाते समय उसने विरोध किया था। आरोपित दबंग हैं। उन्होंने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया था।

बहन की शादी का विरोध करने पर ले ली जान

मीना आधुनिक विचार की थी। उसकी बड़ी बहन हमउम्र है। परिवार दोनों की शादी करना चाहता था। मीना खुद की शादी के साथ बहन की शादी का विरोध कर रही थी। 10 मार्च को बड़ी बहन को देखने के लिए लड़केवाले घर आये थे। तब मीना ने जबर्दस्त विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। इससे नाराज होकर लड़केवाले लौट गये। इससे खफा पिता और चाचा ने 11 मार्च को उसे डंडों से इस कदर मारा कि वह बेहोश हो गयी। इसके बाद क्वालिस मगाकर मीना को उसमे बैठाया। चारो पास के पेट्रोल पम्प पर गये और एक हजार रुपये का तेल भरवाया। यहां से बर्थराकला पुलिया के पास आरोपित लघुशंका के बहाने रुके। किसी को आता-जाता न देख लाश नाले में फेंक कर घर आ गये।

दोपहर से ही बना रहे थे मारने की भूमिका

मीना को मारने के लिए परिवारवालों ने दोपहर से ही भूमिका बनानी शुरू हो गयी थी। पिटाई से बेहोश हुई मीना के बारे में परिजनों ने ग्रामीणों को बताया कि उसने जहर खा लिया है। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाने के बहाने टेम्पो से लेकर निकले और आसपास ही घूमकर लौट आये। फिर बताया कि वह मर गयी। चूंकि वह अविवाहित है इसलिए शव को नदी में प्रवाहित कर देंगे। गांववालों ने भी मान लिया कि मीना की जहर खाने से मौत हो गयी। लेकिन वह मरी नहीं थी। परिजन रात में लाश फेंककर आये और गांव में बताया कि अंतिम संस्कार कर आये। वह तो अखबार में छपी मृतका की फोटो से ग्रामीणों के कान खड़े हो गये। उधर, मीना की लाश मिलने के बाद भी परिजन थाने में सूचना देने या रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं गये। शिनाख्त भी करने की कोशिश नहीं की।

न्यूज़ सोर्स: लाइव हिंदुस्तान